जाइलम के द्वारा खनिज लवणों का परिवहन (Transport of Minerals)|in hindi


जाइलम के द्वारा खनिज लवणों का परिवहन (Transport of Minerals through the xylem) 


जाइलम के द्वारा खनिज लवणों का परिवहन (Transport of Minerals)

जाइलम (Xylem) के अन्दर विभिन्न अन्तर्वस्तुओं (contents) की उपस्थिति होती है जिसके अध्ययन से यह तथ्य सामने आता है कि जाइलम के अन्दर खनिज लवण व जल मुख्य रूप से होते हैं, हालाँकि इसमें कुछ मात्रा में शर्करा एवं अमीनो अम्ल भी होते है। खनिज लवणों के परिवहन में जाइलम की भूमिका निम्न तथ्यों द्वारा सिद्ध होती है- 

1. जाइलम रस (Xylem sap) में विभिन्न खनिज आयन्स उपस्थित होते हैं। 

2. खनिज लवणों की परिवहन की दर एवं वाष्पोत्सर्जन (transpiration) की दर में समानता होती है। 

3. यह भी सिद्ध हो चुका है कि विभिन्न रंगीन विलेय (solutes), उदाहरणार्थ इयोसिन (Eosin) भी जाइलम द्वारा ही परिवहन करते हैं। 

4. स्टाउट एवं हॉगलैण्ड के प्रयोग (नीचे चित्र में देखें) से रेडियोधर्मी लवणों के द्वारा यह सिद्ध होता है कि जहाँ पर खनिजों का पार्श्विक (lateral) परिवहन हो सकता है, वहाँ खनिज, जाइलम से फ्लोएम की ओर जाते हैं, जहाँ पर यह रोक दिया जाता है खनिज लगभग पूर्णरूप से जाइलम में होकर ही परिवहित होते हैं। 

जाइलम द्वारा खनिज लवणों के परिवहन को सिद्ध करने के लिए स्टाउट एवं हॉगलैण्ड के प्रयोग का लेबलयुक्त चित्र



जब खनिज एक बार जाइलम में आ जाते हैं तो वे पौधे में ऊपर की ओर वाष्पोत्सर्जन धारा (transpiration stream) के द्वारा चलते हैं। जब एक बार वे उन स्थानों पर पहुँच जाते हैं, जहाँ पर उनका उपयोग होता है, [ऐसे स्थानों को अभिगम (sink) कहते हैं], तो वहाँ से वे या तो उन कोशिकाओं में जहाँ उनकी आवश्यकता होती है विसरित (diffuse) हो जाते हैं अथवा सक्रिय रूप से परिवहित हो जाते हैं।




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