प्रकाश का अपवर्तन(Refraction of Light):अपवर्तन के नियम,अपवर्तन तथा प्रकाश की गति,अपवर्तन के प्रभाव|hindi


प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

प्रकाश किरणों का एक पारदर्शी माध्यम से दूसरी पारदर्शी माध्यम में जाने पर दिशा परिवर्तन या मुड़ना प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) कहलाता है। इसे हम उल्लेखित उदाहरणों से समझ सकते हैं-

उदाहरण 1- मोटा कांच अथवा पानी से भरा भी कर किसी लिखित कागज पर रखें आपने क्या देखा कांच के नीचे लिखे गए शब्द चिन्ह ऊपर उठे हुए दिखलाई देते हैं।
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उदाहरण 2 - एक खाली कप के नीचे एक सिक्का रखिए तथा अपने सिर को इस अवस्था में स्थिर कीजिए कि आपको सिक्का नहीं दिखाई दे। बिना अपने सिर की स्थिति बदले कप में धीरे-धीरे पानी डालिए। आप देखते हैं कि सिक्का आपको दिखलाई देने लगेगा।
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उदाहरण 3- पानी से भरे भी कर में एक पेंसिल किसी कोण पर पकड़े। आप क्या देखते हैं? आप देखते हैं कि पेंसिल पानी की सतह पर मुड़ी हुई दिखलाई देती है।
प्रकाश का अपवर्तन(Refraction of Light):अपवर्तन के नियम,अपवर्तन तथा प्रकाश की गति,अपवर्तन के प्रभाव|hindi

कांच के नीचे लिखे शब्द-चिन्ह ऊपर उठे दिखलाई क्यों देते हैं? कप में पानी डालने के पश्चात सिक्का दिखलाई क्यों देने लगता है? पानी से भरी बाल्टी अथवा स्विमिंग पूल उथले हुए क्यों दिखाई देते हैं? पानी की सतह पर पेंसिल मुड़ी हुई क्यों दिखाई देती है?

यह सभी दृष्टिभ्रम इसीलिए उत्पन्न होते हैं जब प्रकाश की किरणें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर मुड़ जाती है।
  • कांच के माध्यम से प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light through a Glass Slab)
प्रकाश के अपवर्तन को आप इस सरल प्रयोग द्वारा समझ सकते हैं-
प्रकाश का अपवर्तन(Refraction of Light):अपवर्तन के नियम,अपवर्तन तथा प्रकाश की गति,अपवर्तन के प्रभाव|hindi


• ड्राइंग बोर्ड पर पिन की सहायता से एकता कागज लगाएं।
• कागज के मध्य में कांच के आयताकार सिल्ली (Glass Slab) रखें और उसकी सीमा रेखा नुकीली पेंसिल से खींचे।
• आयताकार सिल्ली के एक ओर ऑल पिन(P1 व P2) अनुदैर्ध्य स्थिति में लगाएं।
• अब सिल्ली के दूसरी ओर से स्थिर की गई पिन देखते हुए अन्य दो पिनें (P3 व P4) इस प्रकार लगाएं कि ऑल पिन P1 व P2 तथा उनके प्रतिछाया एक सरल रेखा में दिखलाई दे।
• कांच की सिल्ली तथा सभी पिनें हटा दें और उनके स्थान को चिन्हित करें।
• P1 व P2 बिंदु मिलाएं तथा इस रेखा को Q बिंदु तक बढ़ाए। इसी प्रकार P3 व P4 बिंदुओं को मिलाएं और इस रेखा को R बिंदु तक बढ़ाएं। Q व R बिंदु को भी मिलाएं।
• बिंदु Q व R पर अभिलंब रेखाएं खींचे। इन्हें बिंदु-चिन्हित रेखाओं द्वारा दर्शाए।
• चित्र पर नाम लिखें। इस चित्र में,PQ रेखा प्रकाश की आपतित किरण है जबकि QR रेखा प्रकाश की अपवर्तित किरण है। रेखा RS प्रकाश की उद्गागामी किरण है।

• कोण PQN आपतन कोण कहलाता है। कोण RQN अपवर्तन कोण कहलाता है।

इस प्रयोग से आप यह सीखते हैं कि,
  • जब प्रकाश की किरण वायु से कांच की ओर चलती है तब यह अभिलंब की ओर मुड़ जाती है।
  • जब प्रकाश की किरण कांच से वायु की ओर चलती है तभी यह अभिलंब से दूर मुड़ जाती है।

  • अपवर्तन के नियम (Law of Refraction)
अपवर्तित प्रकाश की किरणें निम्नलिखित नियमों का अनुपालन करती हैं-

नियम 1: जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से यथा वायु सघन माध्यम कांच अथवा पानी में चलती है तब वे अभिलंब की ओर मुड़ जाती हैं। जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में चलती हैं तब वह अभिलंब से दूर मुड़ जाती हैं।
नियम 2 : आपतित किरण अपवर्त्य किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब सभी समान धरातल पर रहते हैं। 
नियम 3 : किसी माध्यम के लिए आपतन कोण के सीन का अनुपात अपवर्तन कोण के के बराबर होता है।

अतः यदि अपवर्तन कोण i और अपवर्तन कोण r है, तब,

Sin i / Sin r= Constant

इसे माध्यम का अपवर्तनांक (Refractive index) कहते हैं। किसी माध्यम का अपवर्तनांक μ(म्यू) द्वारा दर्शाया जाता है। अतः

μ = Sin i / Sin r

इस संबंध को स्नैल के नियम के नाम से जाना जाता है।


  • अपवर्तन तथा प्रकाश की गति (Refraction & Speed of Light)
जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में चलती हैं तब यह मुड़ जाती है। प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में इस प्रकार मुड़ना दो माध्यमों में प्रकाश की गति में अंतर के कारण होता है। दो माध्यमों के बीच प्रकाश की गति का यह अंतर जितना बड़ा होगा प्रकाश का मुड़ना उतना ही अधिक होगा।

वायु में प्रकाश की गति लगभग 3,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड, पानी में 2,25,000 किलोमीटर प्रति सेकंड तथा कांच में यह 1,80,000 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है। अतः वायु से कांच की ओर चलती प्रकाश की किरण वायु से पानी में चलते समय अपेक्षाकृत अधिक मुड़ेगी।
  • पदार्थ का अपवर्तनांक (Refractive index of a Material)
प्रकाश की गति विभिन्न माध्यमों में भिन्न-भिन्न होती है। निर्वात में प्रकाश की गति तथा माध्यम में प्रकाश की गति का अनुपात उस पदार्थ का अपवर्तनांक कहलाता है। अपवर्तनांक को ग्रीक वर्ण में μ (म्यू) द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है।
अतः 
कांच का अपवर्तनांक = निर्वात में प्रकाश की गति / कांच में प्रकाश की गति

= 300000 किलोमीटर प्रति सेकंड / 180000 किलोमीटर प्रति सेकंड
= 1.66

और, 
पानी का अपवर्तनांक= निर्वात में प्रकाश की गति/ पानी में प्रकाश की गति

= 300000 किलोमीटर प्रति सेकंड / 225000 किलोमीटर प्रति सेकंड
= 1.33


किसी माध्यम का अपवर्तनांक जितना बड़ा होगा उस माध्यम में प्रवेश करती प्रकाश किरण उतनी ही अधिक मुड़ेगी। अतः कांच का अपवर्तनांक पानी के अपवर्तनांक से अधिक होता है।


  • अपवर्तन के कुछ प्रभाव (Some Effects of Refraction)
यहां हम अपवर्तन के कारण को सामान्य क्रियाओं का वर्णन करेंगे।

स्विमिंग पूल का उथला दिखाई देना (Swimming pool appears Shallower)
तैरने का पक्का तालाब या पानी से भरी बाल्टी उथले दिखलाई देते है। तालाब के तल पर किरणें पानी-वायु की सतह पर आकर मुड़ जाती हैं। यह किरणें तल के कुछ ऊपर से आती दिखलाई देती हैं। अतः तालाब का तल कुछ ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है जिसके परिणाम स्वरूप तालाब उथला हुआ दिखाई देता है।

पानी में डूब आई गई पेंसिल का मुड़ा अथवा टूटा हुआ दिखलाई देना (A pencil Dipped in Water appears Bent)
वायु पानी की सतह पर प्रकाश के अपवर्तन के कारण पानी में डूबी हुई पेंसिल एक कोड पर मुड़ी हुई अथवा टूटी हुई दिखलाई देती है। इस प्रक्रिया को निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है-

पानी में डूबी हुई पेंसिल के भाग से आरंभ प्रकाश किरणें पानी-वायु की सतह पर अपवर्तित होती हैं। वायु पानी से अधिक विरल माध्यम है। अतः अपवर्तन किरणें अभिलंब से दूर मुड़ेंगी तथा पेंसिल की वास्तविक स्थिति के बिंदु से कुछ ऊपर दिखलाई देंगी। परिणामस्वरूप, पानी में डूबे हुए पेंसिल मुड़ी हुई अथवा टूटी हुई दिखाई देगी।

पानी के नीचे रखे सिक्के का ऊपर उठा हुआ दिखलाई देना (A Coin Appears Raised when under Water)
उथले कप में रखा सिक्का पास खड़े आदमी को तभी दिखलाई देगा जब पानी को कप में भरा जाएगा। इस प्रयोग को हम निम्न प्रकार से स्पष्ट कर सकते हैं-

जब सिक्के से आती प्रकाश की किरणें आंखों तक नहीं पहुंच पाती तब सिक्का दिखलाइ नहीं देता। जब कप में पानी डाला जाता है तब सिक्के से आती प्रकाश की किरणें पानी-वायु की सतह पर अपवर्तित हो अभिलंब से दूर हट जाती हैं। मुड़ी हुई किरणें सिक्के की वास्तविक स्थिति के ऊपर कुछ ऊपर से आती दिखलाई देती है  अतः सिक्का कुछ ऊपर उठा हुआ दिखाई देने लगता है। इसे ही प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) कहते हैं। 


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