पौधों में खाद्य-संचय कहां होता है? (Food Storage in Plants)| in Hindi


पौधों में खाद्य-संचय कहाँ होता है?(Food Storage in Plants) 

पौधों में खाद्य-संचय कहां होता है? (Food Storage in Plants)| in Hindi

पौधों में भोजन का निर्माण उनकी आवश्यकताओं से अधिक मात्रा में होता है। पौधे इस भोजन के कुछ भाग का इस्तेमाल विभिन्न गतिविधियों में करते हैं जैसे श्वसन, वृद्धि तथा उनकी अन्य जैविक क्रियाएं। जो भोजन के भाग शेष बच जाते हैं वह अघुलित रूप में पौधों में संचित हो जाते हैं। जिन जगहों पर यह संचित रहते हैं वह है- जड़, तना, पत्ती, फल तथा बीज। इन संचित खाद्य पदार्थ का उपयोग पौधे अपनी आवश्यकतानुसार करते रहते हैं। 

पौधे में यह खाद्य पदार्थ संचायक कोशिकाओं में संचित रहते हैं। इन संचायक कोशिकाओं में कुछ विशेष प्रकार के Enzymes उपस्थित होते हैं। यह enzymes अघुलित खाद्य पदार्थ को घुलनशील अवस्था में बदलने में मदद करते हैं जिसके बाद खाद्य पदार्थों का जलीय विलयन पौधे के एक भाग से दूसरे भाग में स्थानान्तरित हो जाता है। 


पादपों में कई तरह के संचित पदार्थ होते हैं जिनमें से कुछ मुख्य संचित पदार्थ हैं मण्ड, शर्करा, इनूलिन (inulin), हेमीसेलुलोस (hemicellulose), वसा, तेल तथा प्रोटीन आदि। कई पौधे उच्च वर्ग के होते हैं जिनमें भोजन का संचय किसी भी भाग में हो जाता है लेकिन बहुत से पौधे ऐसे होते हैं जिनमें खाद्य का संचय उनके किसी विशेष अंग में ही होता है। 


जीवित Parenchyma कोशिकाएं पतली भित्ति वाली होती हैं और इनका मुख्य कार्य खाद्य पदार्थों को संगृहीत करना होता है। यह एक ऐसा ऊतक होता है जो पौधों के अधिकाँश भाग में पाया जाता है। भोजन का संचय मुख्यतः जड़ों व तनों के वल्कुट (cortex) तथा पिथ (pith) में होता है, क्योंकि ये मृदूतक के बने होते हैं। खाद्य का संग्रह तनों की अन्तस्त्वचा (endodermis), मेड्यूलरी किरणों (medullary rays), जाइलम मृदूतक (xylem parenchyma) तथा पत्तियों के संवहन बण्डल (vascular bundles) के बण्डल छाद (bundle sheath) में भी होता है। 


पौधों में खाद्य-संचायक अंग (Food Storage Organs in plants) 


पौधों में खाद्य का संचय कई अंगों में होता है जिनका वर्णन निम्नलिखित है- 

1. पत्ती (Leaf) - पौधों में खाद्य का संचय पत्तियों में नहीं होता है क्योंकि पत्तियां प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करती हैं और यदि यह भोजन का संचय करने लगी तो इससे प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की क्रिया में रुकावट आ सकती है। लेकिन कुछ पौधे ऐसे भी है जिनमें भोजन का संग्रह पत्तियों में भी होता है जैसे-प्याज (Onion), लहसुन (Garlic), पत्तागोभी (Cabbage), अजूबा (Bryophyllum), बिगोनिया (Begonia), ग्वार (Aloe). यक्का (Yucca), तथा बाँस केवड़ा (Agave), आदि। 

2. जड़ (Root) - कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनमें भोजन का संचय उनकी जड़ों में होता है जिसके कारण उसकी जड़ें मांसल हो जाती हैं। गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर, शकरकन्द, सतावर (Asparagus), डेहलिया (Dahlia) तथा टैपिओका (Tapioca) इसके कुछ उदाहरण हैं। 


3. तना (Stem) - कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनमें भोजन का संग्रहण उनके टनों में होता है जिसके कारण उसका तना मोटा, चौड़ा तथा मांसल हो जाता है। इन पौधों को पांच प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है जिनका वर्णन इस प्रकार है - 
(i) रसदार तना (Succulent stem) - गन्ने में 
(ii) पर्णकाय स्तम्भ (phylloclade) - नागफनी में 
(iii) प्रकन्द (Rhizome) - अदरक, केला, हल्दी, और फर्न में  
(iv) घनकन्द (Corm)- अरबी, केसर (Saffron), और जिमीकन्द में 
(v) कन्द (Tuber) - आलू में  



4. पत्रकन्द (Bulbil) - इसके अंतर्गत बाँस केवड़ा (Agave), लिली, लहसुन, और याम (Dioscorea) आते हैं। यह पौधे का वह भाग होती हैं जो खाद्य पदार्थों को जमा करने के कारण फूल जाती हैं।  


5. पुष्पक्रम (Inflorescence) - फूलगोभी। 


6. बीज (Seed) - अधिकतर पुष्पी पौधे ऐसे होते हैं जिनमें उनके बीजों में खाद्य का संग्रहण होता है। बीजों के भ्रूणपोष (endosperm) या बीजपत्र (cotyledon) इस कार्य को करने का कार्य करते हैं। इस संगृहीत खाद्य का उपयोग बीज के अंकुरण के समय भ्रूण (embryo) के विकास के लिए किया जाता है। पौधों में बीजों के अलग अलग भागों द्वारा यह संग्रहण होता है जिनका वर्णन इस प्रकार है - 

(i) बीजपत्र (Cotyledon) द्वारा - मटर, चना, सेम, और अखरोट इसके उदाहरण हैं। 
(ii) भ्रूणपोष (Endosperm) द्वारा - अरण्डी (Castor bean), मक्का, गेहूँ, चावल, नारियल, और सुपारी इसके उदाहरण हैं। 
(iii) रसदार बीजचोल (Juicy testa) - अनार इसका उदाहरण है। 


7. फल (Fruit) - पौधों में फलों को अण्डाशय (ovary) कहते हैं। इसमें गूदेदार मृदूतक (succulent parenchyma) बहुत अधिक मात्रा में विकसित हो जाता है। फल के इस ऊतक में शर्करा, अम्ल तथा अन्य स्वादिष्ट पदार्थ उत्पन्न हो जाते हैं। कुछ पौधों में पुष्प के कुछ अन्य भाग भी मांसल व रसदार हो जाते हैं। जिनका वर्णन इस प्रकार है -

(i) पुष्पासन (Thalamus) द्वारा सेब, नाशपाती तथा स्ट्रॉबेरी में। 
(ii) बीजचोल या एरिल (Aril) द्वारा लीची में। 
(iii) मध्य फलभित्ति (Mesocarp) द्वारा आम तथा इमली में।  
(iv) फलभित्ति (Pericarp) तथा बीजाण्डासन (Placenta) द्वारा अंगूर, बैंगन तथा टमाटर में। 

यह पौधों में खाद्य संचयन का छोटा सा वर्णन है जिसके द्वारा हमें यह पता चलता है कि पौधों में कौन सा भाग कैसे और कहाँ भोजन का संचय करता है जिसके द्वारा हमें वह भोजन के रूप में प्राप्त होता है। 




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